एनएचएम कर्मचारियों का आज का जल सत्याग्रह और बढ़ता आंदोलन
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम कर्मचारियों), जो पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, ने आज अपने 24वें हड़ताल दिवस पर जल सत्याग्रह किया। यह सत्याग्रह उनके 10 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया।
कर्मचारियों ने तिरंगा झंडा और तख्तियों के साथ सरकार से "सद्बुद्धि" की प्रार्थना की। नारे गूंजे:
"रघुपति राघव राजा राम, सरकार को सद्बुद्धि दे भगवान!"
"ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सरकार को सन्मति दे भगवान!"
जिले के 500 से अधिक एनएचएम कर्मचारी सरकार की बेरुखी और अडियल रवैये के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।
एनएचएम कर्मचारियों का दर्द और सरकार की बेरुखी
कर्मचारियों का कहना है कि कोविड-19 जैसी महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करने वाले ये "स्वास्थ्य योद्धा" आज भी मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं।
सरकार की "आश्वासन नीति" ने 20 महीनों में 170 से अधिक ज्ञापनों को कागज़ी बना दिया, लेकिन लिखित आदेश का नामोनिशान नहीं। विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और अन्य नेताओं द्वारा दिए गए वादे अब हवा-हवाई लग रहे हैं। प्रशासन ने बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी, जवाब में कर्मचारियों ने प्रांतीय अध्यक्ष के आह्वान पर सामूहिक इस्तीफे ठोक दिए। हड़ताल के 24 दिन बीतने के बाद भी सरकार की चुप्पी एनएचएम कर्मचारियों के आक्रोश को और बढ़ा रही है।
एनएचएम कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगे
1. संविलियन/स्थायीकरण
2. पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
3. ग्रेड पे का निर्धारत
4. कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता
5. लंबित 27% वेतन वृद्धि
6. नियमित भर्ती में आरक्षण
7. अनुकम्पा नियुक्ति
8. मेडिकल व अन्य अवकाश
9. स्थानांतरण नीति
10. न्यूनतम ₹10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा
कर्मचारियों की चेतावनी: आंदोलन अब और बढ़ने वाला है
कर्मचारी साफ कहते हैं:
"आश्वासन का लॉलीपॉप नहीं, लिखित आदेश चाहिए। छत्तीसगढ़ को एनएचएम कर्मचारियों का संविदा मुक्त करें, वरना यह संघर्ष आगे और तेज़ी से बढ़ने वाला है!"
सरकार से सवाल उठता है:"क्या 20 साल का शोषण और 24 दिन का सत्याग्रह अब भी आपकी नींद नहीं तोड़ पाया?"एनएचएम कर्मचारियों का यह संघर्ष सिर्फ नौकरी और वेतन की लड़ाई नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ को सम्मान दिलाने की लड़ाई है। आंदोलन आज जल सत्याग्रह के रूप में सामने आया और आने वाले दिनों में और तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।
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