समाचार डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस बार राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों को कुल मिलाकर 64 दिन की छुट्टी मिलेगी। आदेश के अनुसार, इस साल दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख पर्वों के साथ-साथ शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश भी तय कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छुट्टियां इस तरह तय की गई हैं कि छात्रों को न केवल त्योहारों का आनंद मिल सके बल्कि वे पढ़ाई और पारिवारिक समय में संतुलन भी बना सकें।
दशहरा अवकाश: 29 सितंबर से 4 अक्टूबर
जारी आदेश के मुताबिक इस साल दशहरा अवकाश 29 सितंबर से 4 अक्टूबर 2025 तक रहेगा। इस दौरान कुल 6 दिन की छुट्टी होगी। चूंकि दशहरा अवकाश के पहले (28 सितंबर) और बाद (5 अक्टूबर) को रविवार पड़ रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को कुल 8 दिन स्कूल बंद का लाभ मिलेगा। दशहरा छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत का एक प्रमुख पर्व है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है और यह अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इन छुट्टियों से छात्रों को परिवार के साथ त्योहार का उत्सव मनाने का मौका मिलेगा।
दीपावली अवकाश: 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर
इस साल दीपावली की छुट्टियां 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक रहेंगी। आदेश में कहा गया है कि यह 6 दिन का अवकाश होगा, लेकिन चूंकि इसके आगे और पीछे भी रविवार पड़ रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को कुल 8 दिन स्कूल बंद मिलेगा।
दीपावली रोशनी और खुशियों का पर्व है। छात्र और शिक्षक दोनों इस अवकाश का लाभ उठाकर परिवार के साथ मिलनसार समय बिताएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि त्योहारों के दौरान छुट्टियों से विद्यार्थियों को मानसिक ताजगी भी मिलती है।
शीतकालीन अवकाश: 22 दिसंबर से 27 दिसंबर
शीतकालीन अवकाश इस बार 22 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक रहेगा। इसमें भी 6 दिन की छुट्टी निर्धारित की गई है। लेकिन रविवार शामिल होने से यह अवकाश कुल 8 दिन का हो जाएगा। सर्द मौसम में यह अवकाश विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। बच्चों को ठंड के मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने और आराम करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
ग्रीष्मकालीन अवकाश: 1 मई से 15 जून
गर्मियों के लंबे ब्रेक यानी ग्रीष्मकालीन अवकाश की तारीखें भी तय कर दी गई हैं। यह अवकाश 1 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को कुल 46 दिन स्कूल से छुट्टी मिलेगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश हर साल विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सबसे बड़ा ब्रेक होता है। यह समय यात्रा, मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों में बिताया जाता है। साथ ही, बच्चे नई स्किल्स सीखने और अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने का भी मौका पाते हैं।
कुल अवकाश का सारांश
अवकाश अवधि निर्धारित दिन रविवार/सप्ताहांत सहित कुल बंद दिन
दशहरा 29 सितम्बर – 4 अक्टूबर 2025 6 दिन 8 दिन
दीपावली 20 अक्टूबर – 25 अक्टूबर 2025 6 दिन 8 दिन
शीतकालीन 22 दिसम्बर – 27 दिसम्बर 2025 6 दिन 8 दिन
ग्रीष्मकालीन 1 मई – 15 जून 2026 46 दिन 46 दिन
कुल 64 दिन 64 दिन
पिछले साल की तुलना
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार विद्यार्थियों को छुट्टियों का थोड़ा अधिक लाभ मिलेगा।
पिछले साल (2024–25)
दशहरा अवकाश: लगभग 5–6 दिन
दीपावली अवकाश: 5 दिन
शीतकालीन अवकाश: 5 दिन
ग्रीष्मकालीन अवकाश: लगभग 45 दिन
कुल छुट्टियां: औसतन 58–60 दिन
इस साल (2025–26)
कुल छुट्टियां: 64 दिन
यानी इस बार छात्रों को पिछले साल की तुलना में लगभग 4–6 दिन अधिक छुट्टियां मिलेंगी।
शिक्षा विभाग का दृष्टिकोण
शिक्षा विभाग ने कहा है कि छुट्टियों की यह योजना विद्यार्थियों की सुविधा और त्योहारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।अवर सचिव ने स्पष्ट किया है कि छुट्टियों से शैक्षणिक सत्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शिक्षक अपनी योजना के अनुसार पढ़ाई का शेड्यूल पूरा करेंगे। विभाग का मानना है कि त्योहार और अवकाश विद्यार्थियों के लिए केवल आराम का समय नहीं होते, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देते हैं।
अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया
अभिभावक कहते हैं कि यह छुट्टियां बच्चों के लिए जरूरी हैं क्योंकि इससे वे पढ़ाई और परिवार के बीच संतुलन बना पाएंगे। छात्रों में खुशी है कि उन्हें त्योहारों पर लगातार लंबे अवकाश मिलेंगे। कई बच्चों ने कहा कि वे इस बार दशहरा और दिवाली अपने गांव में परिवार और रिश्तेदारों के साथ मनाने जाएंगे। शिक्षकों का मानना है कि छुट्टियां जरूरी हैं लेकिन पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसलिए उन्हें पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए योजना बनानी होगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए घोषित छुट्टियों के अनुसार, विद्यार्थियों को दशहरा, दिवाली, शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलाकर कुल 64 दिन स्कूल बंद का लाभ मिलेगा। पिछले साल की तुलना में यह संख्या अधिक है। छुट्टियों के चलते छात्र न केवल त्योहारों का आनंद उठा पाएंगे बल्कि परिवार और व्यक्तिगत गतिविधियों में भी समय दे सकेंगे। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि छुट्टियों के बावजूद पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित नहीं होंगी। यह कैलेंडर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों सभी के लिए संतुलित और सुविधाजनक है।
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