न्यूज डेस्क। Crime News उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहित महिला ने अपने भांजे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए शव को गांव के ही बगीचे में दफना दिया गया और उस पर नमक डाल दिया गया ताकि जल्दी गल जाए। यह राज लगभग 10 महीने तक दबा रहा, लेकिन गुमशुदगी की शिकायत और पुलिस जांच के बाद पूरा मामला उजागर हो गया।
कैसे पनपा मामी-भांजे का रिश्ता
Up Crime News मूल रूप से बांदा निवासी शिवबीर सिंह गुजरात में नौकरी करते थे। करीब 20 साल पहले उन्होंने वाराणसी की लक्ष्मी से शादी की थी। तीन बच्चों के माता-पिता बनने के बाद कुछ साल पहले यह परिवार सचेंडी के लालूपुर गांव में आकर बस गया। इसी दौरान लक्ष्मी का अपने भांजे अमित से नजदीकी बढ़ी और दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए।
पति बना बाधा, रची साजिश
शिवबीर को जब गांव वालों से पत्नी और भांजे की नजदीकियों का पता चला तो वह पत्नी को रोकने लगा। इसी बात से परेशान होकर लक्ष्मी ने अमित के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
चाय में नशीली गोली और फिर कत्ल
1 नवंबर 2024 की रात लक्ष्मी ने पूरे परिवार को चाय में नींद की गोलियां मिला दीं। जब सब बेसुध हो गए, तो उसने अमित को बुलाया। अमित ने लोहे के औज़ार से वार कर शिवबीर की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शव को गांव से कुछ ही दूरी पर बगीचे में दफना दिया और उस पर 12 किलो नमक डाल दिया ताकि शव जल्दी सड़ जाए।
बच्चों से झूठ बोली मां
अगली सुबह बच्चों ने पिता के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने कहा कि उन्हें नौकरी के सिलसिले में गुजरात बुलाया गया है और वे रातों-रात चले गए। बड़े बेटे आनंद ने बार-बार पिता की जानकारी मांगी, लेकिन लक्ष्मी हर बार बहाना बनाकर बात टालती रही।
परिवार को हुआ शक
रक्षाबंधन पर जब बेटे ने पिता को घर लाने की बात कही, तो लक्ष्मी ने कहा कि महीनों से बात नहीं हुई। इस पर आनंद ने अपनी बुआ कांति को जानकारी दी। कांति और मां सावित्री देवी को शक हुआ और उन्होंने 19 अगस्त 2025 को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
खुदाई में मिला कंकाल और लॉकेट
जांच के दौरान पुलिस को लक्ष्मी और अमित के संबंधों के बारे में पता चला। पूछताछ में लक्ष्मी टूट गई और हत्या की सच्चाई स्वीकार कर ली। अमित को भी हिरासत में लिया गया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने बगीचे में खुदाई की, जहां से कंकाल, बनियान और गले का लॉकेट मिला। परिवार ने लॉकेट से शव की पहचान की।
पुलिस का खुलासा
एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि जांच में मामला हत्या और षड्यंत्र का निकला। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
निष्कर्ष
यह मामला बताता है कि अवैध संबंध परिवार को किस हद तक तोड़ सकते हैं। एक पत्नी ने न केवल अपने पति को मौत के घाट उतार दिया, बल्कि तीन बच्चों का भविष्य भी अंधकार में धकेल दिया।
0 टिप्पणियाँ