Banglore News: बेंगलुरु में पत्नी का अजीबोगरीब आरोप: शादी के तीन महीने बाद पति को बताया नपुंसक, 2 करोड़ की मांग, FIR दर्ज

पति बोला – मेडिकल रिपोर्ट में साबित हुआ मैं स्वस्थ हूं, पत्नी बोली – जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पा रहे

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। Banglore News यहां गोविंद राजनगर में रहने वाले 35 वर्षीय युवक की शादी को अभी तीन महीने ही हुए थे कि पत्नी ने पति पर नपुंसक होने का आरोप लगा दिया। इतना ही नहीं, पत्नी ने 2 करोड़ रुपये की मांग भी करनी शुरू कर दी। मामला बिगड़ते-बिगड़ते अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। पति ने अपनी पत्नी और उसके परिवार वालों के खिलाफ जबरन घर में घुसने और हमला करने की शिकायत दर्ज कराई है।

Banglore News, पति को पत्नी ने कहा नपुंसक
पति ने 3 महीने सेक्स नहीं किया कह दिया नपुंसक।
शादी और रिश्ते की शुरुआत

सूत्रों के मुताबिक, युवक की शादी 5 मई 2025 को 29 वर्षीय युवती से हुई थी। शादी के बाद दोनों बेंगलुरु के सप्तगिरी पैलेस में किराये के मकान में रहने लगे। शुरूआत में सबकुछ सामान्य था, लेकिन वैवाहिक जीवन में नजदीकी रिश्ते न बन पाने से तनाव बढ़ने लगा। पत्नी को शक हुआ कि कहीं पति शारीरिक रूप से अक्षम तो नहीं।

पत्नी का आरोप और पति की सफाई

पत्नी ने तीन महीने के भीतर ही पति पर आरोप लगाया कि वह नपुंसक है और वैवाहिक जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर पा रहा। इसके जवाब में पति ने कहा कि यह सच नहीं है और पत्नी का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।

पति ने पत्नी के आरोपों से परेशान होकर मेडिकल टेस्ट

2 करोड़ रुपये की मांग

मामला तब और बिगड़ गया जब पत्नी ने पति से 2 करोड़ रुपये मुआवजा

घर में घुसकर हमला करने का आरोप

पति की शिकायत के अनुसार, 17 अगस्त

पुलिस कार्रवाई

गोविंद राजनगर पुलिस ने पति की शिकायत पर पत्नी और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन पर हमला करने, उत्पीड़न करने और जबरन घर में घुसने

राजनीतिक एंगल

पति ने एक वीडियो जारी कर यह दावा भी किया कि उसकी पत्नी एक राजनीतिक पार्टी की मीडिया विंग


कानूनी पहलू

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार इस मामले में निम्न धाराएं लागू हो सकती हैं:

  • BNS धारा 115: जानबूझकर हमला और चोट पहुंचाने का मामला।
  • BNS धारा 352: आपराधिक उत्पीड़न।
  • BNS धारा 442: घर में जबरन घुसपैठ।
  • BNS धारा 351: धमकी और भय दिखाना।

हालांकि, अगर पत्नी यह साबित करती है कि पति ने वैवाहिक जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं तो वह परिवार न्यायालय


सामाजिक पहलू और विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले समाज में बढ़ती वैवाहिक असंतुष्टिमानसिक स्वास्थ्य समस्याओं महिला अधिकार कार्यकर्ता मानते हैं कि यदि पत्नी के आरोप झूठे साबित होते हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे आरोप न सिर्फ पति की सामाजिक छवि बिगाड़ते हैं बल्कि असल पीड़ित महिलाओं के मामलों को भी कमजोर करते हैं। वहीं, पुरुष अधिकार समूहों का कहना है कि भारत में बढ़ते फर्जी मामलों को रोकने के लिए कड़े कानूनों की जरूरत है।


भारत में ऐसे मामलों की स्थिति

आंकड़े: वैवाहिक विवाद और झूठे आरोप

  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 1.5 लाख वैवाहिक विवाद
  • इनमें से लगभग 20-25%
  • 2019-2023 के बीच पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद से जुड़े मामलों में 35% वृद्धि
  • पुरुष अधिकार संगठनों का दावा है कि मानसिक प्रताड़ना और झूठे केसों के कारण हर साल हजारों शादियां टूट रही हैं।

निष्कर्ष

बेंगलुरु का यह मामला सिर्फ एक पति-पत्नी का विवाद नहीं है, बल्कि यह समाज में बदलती सोच, तनावपूर्ण रिश्तों और कानून के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को भी सामने लाता है। सवाल यह है कि क्या ऐसे मामलों का हल कोर्ट और पुलिस के सहारे ही निकल पाएगा, या फिर समाज को वैवाहिक रिश्तों में संवाद और समझदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।


 

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