समाचार डेस्र्क। नवरात्र की आस्था के बीच मंगलवार सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया।दुर्ग जिले में दर्दनाक हादसा नवरात्र के दूसरे दिन जब पूरा प्रदेश मां दुर्गा की भक्ति में डूबा हुआ था, उसी दौरान दुर्ग जिले के सोमनी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। श्रद्धालुओं का जत्था डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए निकला था। सुबह लगभग 8 बजे अचानक राजनांदगांव की ओर से आ रही तेज रफ्तार थार जीप बेकाबू होकर भीड़ में घुस गई।
| डोंगरगढ़ बमलेश्वरी मंदिर दर्शन करने जाने के दौरान युवती की मौत। |
इस हादसे में 20 वर्षीय महिमा साहू गाड़ी की चपेट में आ गई। जीप की टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिमा काफी दूर तक गाड़ी में फंसी रही और घिसटती चली गई। लोगों ने तुरंत उसे भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार की व्यथा
"हम सब पैदल माता के दर्शन के लिए जा रहे थे। उसी दौरान जीप चालक बदमाशी करते हुए आया और टक्कर मार दी। महिमा गाड़ी में फंसकर दूर तक घिसटती रही। परिवार में उसके पिता बीमार हैं, घर के सारे काम महिमा ही देखती थी।"— नितेश कुमार साहू, मामा
महिमा साहू के परिवार का कहना है कि प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद करे और आरोपी चालक पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मोहल्ले के लोग भी न्याय की मांग कर रहे हैं।
मेधावी छात्रा थी महिमा साहू
महिमा साहू अटल आवास, जामुल की रहने वाली थी। वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और अपने मोहल्ले के साथ पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी थी।
- 2023 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में उसने प्रदेश स्तर पर छठा स्थान हासिल किया।
- अपनी मेहनत और मेरिट के आधार पर डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में नौकरी पाई।
- पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी भी संभालती थी।
महिमा को मोहल्ले में लोग "दुलारी बेटी" कहते थे। उसकी उपलब्धियों पर परिवार और पड़ोसी गर्व करते थे। लेकिन हादसे ने सबको सदमे में डाल दिया।
पुलिस जांच और आरोपी चालक
दुर्ग पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जीप को कब्जे में ले लिया और चालक की तलाश शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक शराब के नशे में था और बेहद तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कानूनी पहलू: कौन सी धाराएं लागू?
- BNS धारा 104: लापरवाही से वाहन चलाकर मृत्यु का कारण बनना।
- BNS धारा 281: सार्वजनिक स्थल पर खतरा उत्पन्न करना।
- BNS धारा 112: खतरनाक तरीके से वाहन चलाना।
इन धाराओं के तहत आरोपी चालक को 7 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
नवरात्र और सुरक्षा इंतजाम पर सवाल
नवरात्र के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के दर्शन के लिए पैदल निकलते हैं। प्रशासन सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के बड़े दावे करता है, लेकिन इस हादसे ने उन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ के बावजूद जीपों और गाड़ियों को बिना रोक-टोक सड़क पर जाने दिया जाता है। अगर प्रशासन पहले से सख्ती बरतता तो यह घटना टल सकती थी।
सड़क हादसों के आंकड़े
छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के आंकड़े (2024 रिपोर्ट)
- हर साल औसतन 13,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
- इनमें से करीब 4,500 लोगों की मौत हो जाती है।
- तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसों का प्रमुख कारण है।
- त्योहारों और यात्रा सीजन में हादसों की संख्या बढ़ जाती है।
गम और गुस्से में डूबा मोहल्ला
महिमा साहू के घर के बाहर मातम पसरा हुआ है। पिता की तबीयत पहले से खराब है और अब बेटी की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि महिमा ही परिवार की ताकत थी और अब उनका सहारा छिन गया है।
लोगों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और परिवार को उचित आर्थिक मदद मिले।
निष्कर्ष: जिम्मेदारी कौन लेगा?
महिमा साहू की मौत केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। एक मेधावी बेटी जिसने अपने परिश्रम से प्रदेश का नाम रोशन किया, आज लापरवाह वाहन चालक और कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था की भेंट चढ़ गई।
जरूरत है कि—
- त्योहारों और यात्रा सीजन में पैदल श्रद्धालुओं के लिए सेफ ज़ोन बनाए जाएं।
- लापरवाह चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद मिले।
अगर अब भी प्रशासन और समाज नहीं जागा, तो न जाने कितनी और "महिमा" हादसों की शिकार हो जाएंगी।
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