Sarangarh News:सारंगढ़-बिलाईगढ़: और उफनते नदी में गुब्बार की तरह बहने लगा स्विफ्ट कार, कुछ दूर जाकर तैरते बाहर आया ड्राइवर, कार बहते हुए निकला आगे

सारंगढ़-बिलाईगढ़। 23 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के बीच सरिया थाना क्षेत्र के विक्रमपाली के पास स्थित किकारी नाले की पुलिया पर एक स्विफ्ट कार बह गई। मौके पर आया भीड़-भाड़ और ग्रामीणों की बहादुरी ने चालक की जान बचा ली।

सारंगढ़ जिले तेज बहाव में बह गई कार
नदी में बह रहा कार।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में रातभर हुई तेज बारिश से नाले उफान पर आ गए हैं और कई पुल-पुलिया जलमग्न हो चुके हैं। इसी कड़ी में बरमकेला ब्लॉक के विक्रमपाली गांव के पास किकारी नाले पर यह भयावह घटना सामने आई। उड़ीसा-नंबर की एक स्विफ्ट कार में महिला सहित तीन लोग सवार थे।

हादसा कैसे हुआ?

गवाहों के अनुसार जब कार पुलिया पर पहुँची तो पानी का तेज बहाव था। चालक ने पहले महिला और एक अन्य यात्री को सुरक्षित उतरवा दिया, पर स्वयं कार लेकर पुलिया पार करने का जोखिम उठाया। पानी की तेज़ धारा और फिसलन के कारण कार असंतुलित हुई और कुछ ही पलों में नाले के तेज बहाव में फँस गई।

ग्रामीणों की त्वरित मदद — क्या बचा लिया जीवन

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए पानी में कूदकर तैरकर कार तक पहुँचे। बहाव इतना तेज था कि कार का दरवाजा खोलना भी कठिन था, फिर भी ग्रामीणों ने मिलकर गेट खोला और चालक को बाहर निकाला। स्थानीय निवासी रवीश (नाम परिवर्तित) ने बताया, "हम सब डर रहे थे, पर किसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा — बस पानी में कूद गए और चालक को निकाला।"

घटना का वीडियो भी दर्जनों मोबाइल में रिकॉर्ड हुआ है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखता है कि कैसे तेज बहाव ने कार को धकेला और किस तरह ग्रामीण मिलकर बचाव करते हैं।

जिले पर बारिश का व्यापक असर

जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है। कुछ मुख्य असर इस प्रकार हैं:

  • कई केन्द्रों पर छोटे पुल-पुलिया डूब गए और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कट गया।
  • खेतों में पानी भरने से फसल को भारी नुकसान का खतरा।
  • बिजली आपूर्ति में व्यवधान और स्थानीय बाजारों में आवागमन प्रभावित।
  • स्कूलों में उपस्थिति घट रही है और कई जगह आवाजाही कठिन।

प्रशासन और पुलिस की टिप्पणी

सरिया थाना प्रभारी ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में एक-दो फीट बहता पानी भी वाहन को बहाने के लिए पर्याप्त है। लोगों से अपील है कि वे जलमग्न पुलों या नालों को पार न करें।" जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने भी चेतावनी जारी कर दी है और जरूरत पडऩे पर रेस्क्यू-टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है।

विशेषज्ञों की सलाह

परिवहन और आपदा विशेषज्ञों का कहना है कि पानी की सतह पर गहराई और बहाव का अनुमान लगाना कठिन होता है। उनके प्रमुख सुझाव:

  • बरसात के समय जलमग्न रास्तों को पार करने से बचें।
  • यदि मार्ग बंद हो तो वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग चुनें।
  • रात में अनावश्यक ड्राइविंग न करें और प्रशासनिक चेतावनी का पालन करें।
  • ग्रामीण इलाकों में समाज में चेतना बढ़ाने के लिए लोक-स्तर पर जागरूकता रखें।

सीख — छोटी लापरवाही बड़ा हादसा बना सकती है

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि प्रकृति की शक्ति के सामने छोटीसी लापरवाही भी जानलेवा बन सकती है। यदि चालक ने कार को पुलिया पर आगे नहीं बढ़ाया होता तो संभवतः यह स्थिति नहीं बनती। दूसरी ओर ग्रामीणों के साहस ने एक जीवन बचा लिया — यह ऐसी घटनाओं में मानवीयता की मिसाल भी है।

नोट: यदि आप इस क्षेत्र में हैं और सुरक्षित स्थानों, मार्ग-बंदियों या रेस्क्यू संचालन की ताज़ा जानकारी चाहते हैं तो स्थानीय प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर या जिला आपदा प्रबंधन के अपडेट्स देखें।
— रिपोर्ट: News Junction
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