न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि पति ने अपने भाइयों के साथ मिलकर शव को गंगा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले को दहेज हत्या मानते हुए पति और उसके भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
विवाद की जड़: घर में चिकन पकाना
मृतका का नाम रीना था। वह शाकाहारी थी और हमेशा पति निगम को समझाती थी कि घर में मांस-मुर्गा न पकाए। लेकिन 20 अगस्त की रात, शराब के नशे में निगम ने घर में चिकन पकाया। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तेज बहस हो गई। पड़ोसियों के अनुसार उस रात उनके घर से जोर-जोर की आवाजें भी सुनाई दी थीं।
पति का दावा: फांसी पर लटकी मिली पत्नी
निगम ने पुलिस को बताया कि विवाद के बाद पत्नी रीना ने खुद को फांसी लगा ली। उसने कहा कि जब वह कमरे में गया तो पत्नी फंदे पर लटकी हुई थी। हालांकि, पुलिस को इस दावे पर शक है क्योंकि अगर यह आत्महत्या थी तो शव को छिपाने की कोशिश क्यों की गई?
पिता का आरोप: दहेज के लिए हत्या
रीना के माता-पिता ने इस घटना को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग करता था। उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पिता ने साफ कहा – “हमारी बेटी की हत्या की गई है और बाद में मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई।”
शव को गंगा में क्यों फेंका?
पुलिस पूछताछ में पति निगम ने माना कि घटना छिपाने के लिए उसने भाइयों महकार और बिजेंद्र के साथ मिलकर रीना का शव चादर में लपेटा और लगभग तीन किलोमीटर दूर गंगा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने मौके का नक्शा बनवाया और गोताखोरों को लगाया, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हो पाया है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
थाना आदमपुर के प्रभारी (एसएचओ) अतवीर सिंह ने जानकारी दी – मृतका के पिता की तहरीर पर पति निगम और उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला दहेज हत्या और साक्ष्य छिपाने का दर्ज किया गया है।” इस मामले में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304B (दहेज हत्या), धारा 201 (साक्ष्य छिपाना), और 498A (पति या ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना) लगाई गई हैं।
समाज में गहराया सवाल
यह घटना पूरे अमरोहा जिले में चर्चा का विषय बन गई है। मोहल्ले में लोग स्तब्ध हैं कि महज चिकन पकाने जैसी बात पर इतना बड़ा विवाद हो सकता है। लेकिन रीना के मायके पक्ष का दावा है कि असली वजह दहेज था, चिकन पकाने का विवाद तो बस एक बहाना था।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर दहेज प्रथा कब खत्म होगी? हर साल उत्तर प्रदेश और देशभर में सैकड़ों महिलाएं दहेज प्रताड़ना और हत्या का शिकार होती हैं। बावजूद इसके समाज में इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए ठोस कदमों की कमी दिखाई देती है।
निष्कर्ष
अमरोहा की यह दर्दनाक घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। पुलिस जांच से सच्चाई सामने आने का इंतजार है, लेकिन रीना की मौत ने दहेज और घरेलू हिंसा की सच्चाई को फिर से उजागर कर दिया है।
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