Supreme Court ने Sahara investors को दी राहत, 5000 Crore Refund का आदेश, अब लोगों के खाते में आएंगे रूपए

न्यूज जक्शन। सहारा इंडिया में वर्षों से फंसे निवेशकों के लिए आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत की खबर आई है। Supreme Court of India ने आदेश दिया है कि SEBI-Sahara Refund Account में रखे गए 5,000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएं। यह रकम उन जमाकर्ताओं को वापस की जाएगी जिन्होंने Sahara Cooperative Societies में अपनी जमा-पूंजी लगाई थी और वर्षों से अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे थे।  


कोर्ट का बड़ा फैसला और नई डेडलाइन  

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि रकम सीधे निवेशकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने Refund deadline को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया। इसका मतलब है कि निवेशकों को अगले दो सालों तक अपनी राशि क्लेम करने का समय मिलेगा।  

SEBI की आपत्ति और कोर्ट का रुख  

सुनवाई के दौरान Securities and Exchange Board of India (SEBI) के वकील ने अदालत से गुज़ारिश की कि आदेश को कुछ दिन के लिए स्थगित किया जाए ताकि उच्च प्राधिकरण से निर्देश लिया जा सके। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह दलील खारिज करते हुए कहा कि राशि का ट्रांसफर 7 दिनों के भीतर होना चाहिए। अदालत ने यह भी दोहराया कि रिफंड प्रक्रिया वही होगी जो March 2023 order में तय की गई थी।  

निगरानी करेंगे पूर्व जज  

इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश Justice R. Subhash Reddy करेंगे। कोर्ट ने आदेश दिया कि भुगतान transparent process के तहत किया जाए और किसी भी निवेशक को परेशानी न हो।  

Sahara Refund Portal पर आवेदन प्रक्रिया  

सरकार ने मार्च 2023 में निवेशकों के लिए Sahara Refund Portal (https://mocrefund.crcs.gov.in) लॉन्च किया था। इसके माध्यम से निवेशक अपना दावा दर्ज कर सकते हैं।  

आवेदन प्रक्रिया (Application Process):  

1. सबसे पहले निवेशकों को Sahara Refund Portal पर जाना होता है।  

2. वहां आधार नंबर और मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करना होता है।  

3. निवेशक को अपनी सहारा सोसाइटी से जुड़ी जानकारी (Membership ID, Deposit details) भरनी होती है।  

4. आधार से लिंक बैंक अकाउंट देना जरूरी है ताकि रकम सीधे खाते में ट्रांसफर हो सके।  

5. आवेदन के बाद एक Acknowledgement Number जारी होता है जिससे Claim status ट्रैक किया जा सकता है।  

अब तक की स्थिति:  

- मार्च 2023 में शुरू हुई प्रक्रिया के बाद से लगभग 1.2 करोड़ निवेशकों ने आवेदन किया।  

- लेकिन अब तक केवल 19 लाख निवेशकों को ही करीब 250 करोड़ रुपये लौटाए जा सके।  

- बाकी दावे verification और technical issues में अटके हुए हैं।  

सहारा विवाद की पृष्ठभूमि  

सहारा समूह ने 2000 के दशक में कई योजनाएं और सहकारी समितियां शुरू की थीं जिनमें लाखों निवेशकों ने अपनी मेहनत की कमाई लगाई। बाद में पता चला कि कई योजनाओं में गड़बड़ी हुई है। इसी वजह से मामला SEBI और Supreme Court तक पहुंचा।  

  • 2012: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से 24,000 करोड़ रुपये SEBI को जमा करने का आदेश दिया।  
  • 2014: सहारा प्रमुख Subrata Roy को कोर्ट की अवमानना में जेल भेजा गया।  
  • 2023: सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया ताकि निवेशकों को रकम मिल सके।  
  • 2025: अब कोर्ट ने 5,000 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया।  

Investors की मुश्किलें  

कई निवेशकों ने शिकायत की कि Portal पर OTP नहीं आता, Verification reject हो जाता है या रकम का Status अपडेट नहीं होता। कुछ मामलों में निवेशकों को सिर्फ 10,000 रुपये तक ही रिफंड मिला, जबकि उन्होंने लाखों रुपये जमा किए थे। अब Supreme Court के नए आदेश के बाद उम्मीद है कि यह प्रक्रिया तेज होगी और large-scale refunds शुरू हो सकेंगे।  

Social Media और विभागीय लिंक  

विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए निवेशकों को सरकारी ऑफिशियल सोर्स से जुड़े रहना चाहिए:  

Sahara Refund Portal: https://mocrefund.crcs.gov.in  

Ministry of Cooperation Twitter (X): https://x.com/MinOfCooper  

PIB Press Release: https://pib.gov.in  

निवेशकों के लिए उम्मीद  

सालों से अपनी जमा पूंजी का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए यह फैसला बड़ी राहत है। अगर आदेश का पालन समय पर होता है, तो लाखों Investors को 2026 तक उनका पैसा वापस मिलने की संभावना है।  

निष्कर्ष  

Supreme Court का यह आदेश न केवल निवेशकों की उम्मीदों को जगाता है, बल्कि सरकार और SEBI पर भी दबाव डालता है कि वह Refund process को तेज और पारदर्शी बनाए।  

 


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